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मुजफ्फरपुर में हिंसक झड़प: पुलिस फायरिंग में ग्रामीण की मौत, इलाके में तनाव

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मुजफ्फरपुर: जिले के गायघाट थाना क्षेत्र के चोरनिया गांव में बीती रात पॉक्सो एक्ट के एक आरोपी को गिरफ्तार करने गई पुलिस टीम और ग्रामीणों के बीच हिंसक झड़प हुई। इस झड़प में 60 वर्षीय जगतवीर राय की गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया और प्रशासन ने गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया। मौके पर एसडीएम, एसपी पूर्वी, डीएसपी और कई थानों की पुलिस बल तैनात हैं, जबकि FSL टीम वैज्ञानिक साक्ष्यों की जांच में लगी हुई है।
घटना की पृष्ठभूमि के अनुसार, गायघाट पुलिस की टीम रात करीब 12 बजे आरोपी को पकड़ने गांव पहुंची थी। इसी दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने पुलिस टीम को घेर लिया और उन पर हमला कर दिया। देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गई और रोड़ेबाजी, पत्थरबाजी और फायरिंग शुरू हो गई। पुलिस का दावा है कि आत्मरक्षा में हवाई फायरिंग करनी पड़ी, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि थाना प्रभारी राजा सिंह ने सीधे गोली चलाई, जिससे जगतवीर राय की मौत हुई।
एसएसपी मुजफ्फरपुर कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि पुलिस टीम पर सुनियोजित हमला किया गया था। उन्होंने कहा कि पुलिस ने आत्मरक्षा में फायरिंग की और हमले में थाना प्रभारी और दो अन्य पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए। डीएसपी अलय वत्स ने कहा कि आरोपी को पकड़ने के दौरान ग्रामीणों ने भीड़ जुटाकर पथराव और लाठी-डंडे से हमला किया। स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी और टीम सुरक्षित निकल सकी।
घटना के बाद गांव और आसपास के इलाके में सन्नाटा छा गया है। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कई वरीय पुलिस अधिकारी तैनात किए हैं। पुलिस लगातार फ्लैग मार्च कर रही है और ग्रामीणों से संवाद कर शांति बहाली के प्रयास में लगी हुई है। FSL टीम मौके पर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटा रही है और घायलों का इलाज स्थानीय अस्पताल में किया जा रहा है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई अत्यधिक कठोर थी और उन्हें न्याय की जरूरत है। ग्रामीण थानेदार पर सख्त कार्रवाई और कानूनी कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। घटना ने गांव में सामाजिक तनाव को बढ़ा दिया है और पुलिस और ग्रामीणों के बीच अविश्वास पैदा किया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की घटनाएं ग्रामीण इलाकों में कानून और प्रशासन के प्रति अविश्वास पैदा करती हैं और समाज में भय और तनाव को बढ़ाती हैं। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सभी पक्षों की जांच होगी, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और गांव में शांति सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाएगी।
घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने आसपास के थानों की पुलिस को भी तैनात किया है और पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान हर साक्ष्य को दर्ज किया जाएगा और दोषियों की पहचान कर उन्हें कानून के कटघरे में लाया जाएगा। ग्रामीणों और प्रशासन के बीच लगातार संवाद हो रहा है ताकि कोई और अप्रिय घटना न हो। घटना ने इलाके में सामाजिक और कानून व्यवस्था की संवेदनशीलता को उजागर किया है और इसे लेकर प्रशासन सतर्क है।

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